जब कमल गुप्ता ने जितेंद्र से प्लॉट की फाइनल पेमेंट की रसीद मांगी, तो कहा कि वह जल्द ही दे देगा। उसके पास दो हजार वर्ग गज की और जमीन है, जो मिलाकर तीन हजार गज हो जाएगी। जितेंद्र ने कहा कि एक करोड़ रुपये बयाना देना होगा, जिस पर कमल ने कहा कि वह दे देगा।
बाद में जितेंद्र ने दबाव बनाना शुरू कर दिया कि चार हजार वर्ग गज के हिसाब से 1740 वर्ग गज की पेमेंट वह कर देगा, जबकि 1537 वर्ग गज की पेमेंट का प्रबंधन उसे (जनक दास) को करना होगा। जनक दास ने 20 लाख रुपये दो किस्तों में जितेंद्र के बेटे राजबीर को ट्रांसफर किए, जबकि 10 लाख रुपये नकद दिए।
आरोपितों के दबाव में जनक दास ने जमीन की रजिस्ट्री अपनी पत्नी सरोज बाला के नाम करवाई। कमल गुप्ता से सौदा करवाने को कहा, तो कहा कि वह अमेरिका गया है। जब जमीन की छानबीन की तो पता चला कि यह एक से डेढ़ हजार रुपये प्रति वर्ग गज निकली। पुलिस इस केस में आगामी जांच कर रही है।

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