August 16, 2026

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प्रेमनगर पुल के कार्यों का सतपाल महाराज ने किया निरीक्षण, 10 दिनों में जनता को होगा समर्पित

राज्य में पिछले साल मानसून ने प्रदेश के तमाम हिस्सों में बड़ी तबाही मचाई थी. आफत की बारिश ने प्रदेश के सिर्फ पर्वतीय क्षेत्रों में तबाही नहीं मचाई थी बल्कि राजधानी देहरादून के तमाम हिस्सों में भी आपदा जैसे हालात बन गए थे. इसी क्रम में देहरादून के प्रेमनगर स्थित नंदा की चौकी (टौंस नदी) पुल भी क्षतिग्रस्त हो गया था, जिसके बाद से ही लोग नदी में बनाए गए अस्थायी मार्ग से आवाजाही कर रहे हैं. लेकिन अभी तक पुल का काम पूरा नहीं हो पाया है. कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने मौके पर पहुंचकर पुनर्निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया और अधिकारियों को निर्धारित समय पर कार्य पूरा करने के निर्देश दिए.

निरीक्षण के दौरान सतपाल महाराज ने कहा कि पुल के सुरक्षात्मक और पुनर्निर्माण कार्य पर करीब 16 करोड़ रुपये की लागत से पीडब्ल्यूडी और एनएचएआई द्वारा निर्माण किया जा रहा है. निर्माण कार्य में ओपन फाउंडेशन के बजाय अत्यधिक सुरक्षित ‘वेल फाउंडेशन’ (Well Foundation) तकनीक का उपयोग किया जा रहा है. अभी तक 95 फीसदी काम पूरा हो चुका है. उन्होंने कहा कि बादल फटने की घटना में पुल का एक पिलर तिरछा हो गया था, जिसे हटाकर नया पिलर बनाया गया है और पूरे पुल को उस पर स्थापित किया गया है. साथ ही कहा कि पुराने पुल और उसके पिलरों का दोबारा उपयोग कर परियोजना की लागत को कम किया गया है. मंत्री ने कहा कि पुल अगले 10 दिनों के भीतर चालू कर दिया जाएगा और बरसात से पहले आमजन के लिए खोल दिया जाएगा.

इसके साथ ही नदी के दोनों किनारों पर आरसीसी दीवार का निर्माण और पुल के अन्य तीन पिलरों का सुरक्षात्मक कार्य भी कराया जा रहा है. सतपाल महाराज ने कहा कि सरकार का उद्देश्य आपदा प्रभावित क्षेत्रों में स्थायी और सुरक्षित ढांचा तैयार करना है, ताकि भविष्य में लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े. उन्होंने चारधाम यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि यात्रा सुचारू रूप से संचालित हो रही है और सभी श्रद्धालुओं से शांति और संयम बनाए रखने की अपील की, ताकि यात्रा में किसी प्रकार का व्यवधान उत्पन्न न हो. महाराज ने कहा कि नदी के दोनों साइट आरसीसी वाल का निर्माण कार्य भी करवाया जा रहा है. पुल के अन्य तीन पिलरों का भी सुरक्षात्मक कार्य कराया जा रहा है.