मुख्यमंत्री ने कहा कि खादी केवल एक वस्त्र या उत्पाद नहीं है, बल्कि यह आत्मनिर्भर भारत की पहचान और महात्मा गांधी के स्वदेशी विचारों का प्रतीक है। प्रधानमंत्री के आह्वान पर चलाया गया स्वदेशी अभियान और वोकल फॉर लोकल आज देशभर में एक जनआंदोलन का रूप ले चुका है।
उन्होंने कहा कि खादी और स्वदेशी वस्तुओं की खरीद से न केवल स्थानीय कारीगरों, बुनकरों और लघु उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था भी सशक्त होगी। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे त्योहारों के अवसर पर विशेष रूप से स्वदेशी उत्पादों को अपनाएँ और अधिक से अधिक खादी एवं स्थानीय वस्तुओं की खरीदारी करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार हो रहा है। वोकल फॉर लोकल केवल एक नारा नहीं है, बल्कि यह आर्थिक और सांस्कृतिक आत्मनिर्भरता की दिशा में निर्णायक कदम है।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में उत्तराखंड खादी और अन्य स्वदेशी उत्पादों का बड़ा केंद्र बनेगा और यह प्रदेश की पहचान को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करेगा।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और व्यापारी उपस्थित रहे।

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