May 15, 2026

ghatikigoonj

newsindia

पीएम मोदी की सोना नहीं खरीदने की अपील से सर्राफा व्यापारी नाराज, मोमबत्ती जलाकर किया प्रदर्शन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भारत की जनता से एक साल तक सोना नहीं खरीदने की अपील की बाद उत्तराखंड के सर्राफा व्यापारियों में नाराजगी देखने को मिल रही है. सर्राफा व्यापारियों ने अपनी नाराजगी जाहिर करने के लिए गुरुवार को प्रदेश भर में अपील के विरोध में सांकेतिक प्रदर्शन किया. देहरादून के सर्राफा व्यापारियों ने शाम को धामावाला में मोमबत्ती जला कर आयात शुल्क में बढ़ोत्तरी और जनता के लिए सोना न खरीदने की घोषणा के प्रति अपना सांकेतिक विरोध दर्ज कराया.

सर्राफा व्यापारियों का कहना है कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा स्वर्ण आभूषणों की खरीदारी के संबंध में जो घोषणा की गई है, उसका विपरीत असर भारत के सभी स्वर्ण कारोबारियों और निर्माताओं पर पड़ता दिख रहा है. जहां बात भारत की अर्थव्यवस्था की है, तो देश हित में सरकार की नीतियों का पालन करना भी हमारा कर्तव्य बनता है. चूंकि बात एक वर्ग विशेष की भी है और प्रधानमंत्री ने राष्ट्र के नाम संदेश में सभी सर्राफा उद्योग को ही केंद्रित करते हुए भारत की जनता से सोने ना खरीदने के बात कह कर इस कारोबार को आर्थिक नुकसान की तरफ धकेल दिया है.

सर्राफा व्यापारियों का कहना है कि इसका प्रतिकूल असर न केवल उत्तराखंड वरन पूरे भारत के सर्राफा व्यापारियों में देखने को मिला है. वहीं सोने पर आयात शुल्क 6 प्रतिशत से 15 प्रतिशत बढ़ाना एकतरफा और अनुचित फ़ैसला है. अगर सर्राफा व्यापारी का एक साल सोना ना बिका तो वह अपना और अपने परिवार का पालन पोषण कैसे करेगा. आभूषण निर्माता जो कि सर्राफा कारोबार की रीढ़ की हड्डी माने जाते हैं, वे बिल्कुल निकम्मे हो जायेंगे और भुखमरी की कगार पर पहुंच जायेंगे.

सुनील ने कहा कि सरकार द्वारा सोने के जेवरों को एक्सपोर्ट करने के लिए मजबूत कदम उठाए जाने चाहिए. ताकि एक्सपोर्ट को बढ़ावा मिल सके और जितना गोल्ड इंपोर्ट होता है, उसका कम से कम 50 प्रतिशत एक्सपोर्ट भी हो सके. वर्तमान में सरकार की एक्सपोर्ट पॉलिसीज में बहुत सारे पेच हैं. इसे ट्रेड के स्टेकहोल्डर के साथ बैठकर सरकार को सुलझाना चाहिए, ताकि एक्सपोर्ट बढ़ सके. साथ ही इनकम टैक्स के प्रावधानों में भी स्वर्ण व्यवसाय को अलग तरीके से देखे जाने की आवश्यकता है.





You may have missed