अखिल भारतीय महापौर परिषद का दो दिवसीय सम्मेलन शुरू हो गया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 29.78 करोड़ की 3 योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। जिसमें 23.15 करोड़ की 1 योजना का लोकार्पण एवं 6.63 करोड़ की 2 योजनाओं का शिलान्यास शामिल है।
सम्मेलन का औपचारिक उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि नागरिकों की आशाओं, अपेक्षाओं को पूरा करना निकायों की जिम्मेदारी है।
देश की आत्मा गांव में बसती है, लेकिन नागरिकों के सपने भविष्य की आकांक्षाएं शहरों में आकार लेती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगवाई में शहरी क्षेत्र में नई कार्य संस्कृति विकसित हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि चार धाम यात्रा अपने पहले चरण के चरम पर है। 45 दिन में 30 लाख से अधिक तीर्थयात्री धर्मों में दर्शन कर चुके हैं। सहज, सरल और सुरक्षित यात्रा सरकार की प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि 2027 के कुंभ मेले के लिए भी सरकार ने पूरी तैयारी की है। इस दौरान कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, राम सिंह, महापौर शंभू पासवान, अखिल भारतीय महापौर परिषद की अध्यक्ष रेणु बाला गुप्ता आदि मौजूद रहे। दो दिन तक चलने वाले इस सम्मेलन में मुख्य रूप से तीन सत्र आयोजित होंगे, जिनमें स्मार्ट सिटी परियोजनाओं, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और नगर निकायों के सामने आने वाली वित्तीय चुनौतियों पर प्रतिनिधि मंथन करेंगे।
सभी महापौर त्रिवेणी घाट पर होने वाली गंगा आरती में सम्मिलित होंगे। इसके बाद उत्तराखंड की लोक-संस्कृति और पारंपरिक कार्यक्रमों के माध्यम से मेहमानों का स्वागत किया जाएगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को ऋषिकेश स्थित ट्रांजिट कैंप का औचक निरीक्षण कर चारधाम यात्रा एवं रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया से संबंधित व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने यात्रियों के पंजीकरण, स्वास्थ्य जांच, ठहरने की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने बड़ी संख्या में अन्य राज्यों से आए श्रद्धालुओं से यात्रा का फीडबैक भी लिया।
मुख्यमंत्री ने ट्रांजिट कैंप में श्रद्धालुओं के लिए की गई पंजीकरण व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने कहा यह सुनिश्चित किया जाए की श्रद्धालुओं को रजिस्ट्रेशन के लिए इंतजार ना करना पड़े। उन्होंने स्वास्थ्य जांच केंद्रों का निरीक्षण कर यात्रियों के स्वास्थ्य का भी विशेष ध्यान देने को बात कही।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्थाओं का भी अवलोकन किया। बढ़ती गर्मी को देखते हुए उन्होंने ट्रांजिट कैंप में अतिरिक्त कुलर लगाने तथा पेयजल एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं को पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

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