केदारनाथ धाम की पवित्रता और प्राकृतिक सौंदर्य को बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन द्वारा इस वर्ष की यात्रा के दौरान ‘कैरी मी बैक’ पॉलिसी लागू की गई है। इस पहल के तहत श्रद्धालुओं से अपील की जा रही है कि वे अपने साथ लाए गए प्लास्टिक और अन्य गैर-जैविक कचरे को वापस लेकर आएं और निर्धारित स्थानों पर उसका निस्तारण करें।
प्रशासन का मानना है कि केदारनाथ धाम की स्वच्छता केवल सरकारी प्रयासों से नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं की सक्रिय भागीदारी से ही सुनिश्चित की जा सकती है। इसी उद्देश्य से यात्रा मार्ग पर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है तथा यात्रियों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया जा रहा है।
अधिकारियों के अनुसार, धाम और यात्रा मार्ग पर प्लास्टिक कचरे की समस्या को नियंत्रित करने के लिए विभिन्न स्थानों पर निगरानी बढ़ाई गई है। साथ ही, श्रद्धालुओं को कपड़े या अन्य पर्यावरण-अनुकूल बैग के उपयोग के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है।
जिला प्रशासन ने सभी यात्रियों से अपील की है कि वे स्वच्छ एवं हरित केदारनाथ के निर्माण में सहयोग करें तथा अपने साथ लाए गए प्लास्टिक, पानी की बोतलें, रैपर और अन्य कचरे को वापस लेकर आएं। इससे न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी हिमालयी क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता सुरक्षित रह सकेगी।
‘कैरी मी बैक’ पॉलिसी के माध्यम से प्रशासन केदारनाथ धाम को स्वच्छ, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है, जिसमें श्रद्धालुओं की सहभागिता सबसे अहम भूमिका निभाएगी।

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