August 19, 2026

ghatikigoonj

newsindia

एम्स ऋषिकेश में घायल रोहित ने तोड़ा दम, मृतकों की संख्या बढ़कर हुई 11 – Param Satya

ऋषिकेश/चमोली: उत्तराखंड के चमोली जिले के पीपलकोटी (मायापुर) में हुए दर्दनाक THDC टनल हादसे से जुड़ी एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। हादसे में गंभीर रूप से घायल बिहार के रहने वाले 20 वर्षीय श्रमिक रोहित पांडे ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS ऋषिकेश) में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। रोहित की मौत के बाद इस भीषण हादसे में जान गंवाने वाले श्रमिकों की कुल संख्या बढ़कर अब 11 हो गई है।

अस्पताल में लड़ रहा था जिंदगी की जंग

बिहार के गोपालगंज (भोरे) का रहने वाला 20 वर्षीय रोहित इस हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसे रेस्क्यू टीम द्वारा मलबे से निकालकर तत्काल एम्स ऋषिकेश में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों की तमाम कोशिशों और वेंटिलेटर सपोर्ट पर होने के बावजूद रोहित को नहीं बचाया जा सका और इलाज के दौरान उसने आखिरी सांस ली। इस हादसे में रोहित के साथ उसके परिवार के अन्य सदस्य भी घायल हुए थे।13 अगस्त को हुआ था यह भीषण हादसायह दर्दनाक हादसा 13 अगस्त 2026 की शाम को चमोली के पीपलकोटी के मायापुर में स्थित टीएचडीसी (Tehri Hydro Development Corporation) की निर्माणाधीन टनल में हुआ था। टनल के भीतर एचसीसी (HCC) कंपनी के श्रमिक काम कर रहे थे, तभी अचानक भारी भूस्खलन हुआ और टनल के अंदर पानी व मलबे का भारी सैलाब आ गया। इस अचानक आई आपदा के कारण टनल के भीतर करीब 22 श्रमिक फंस गए थे।

117 घंटे चला महा-रेस्क्यू अभियान

हादसे के तुरंत बाद जिला प्रशासन के निर्देश पर एक बड़ा सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। इस महा-अभियान में जिला प्रशासन, पुलिस, एनडीआरएफ (NDRF), एसडीआरएफ (SDRF), आईटीबीपी (ITBP), सेना और सीआईएसएफ (CISF) समेत कई सुरक्षा एजेंसियों के जवानों ने मोर्चा संभाला।चुनौतियां: टनल के भीतर कई फीट गहरा पानी और भारी कीचड़ (sludge) जमा हो गया था, जिसे निकालने के लिए हाई-पावर सक्शन पंप और जेसीबी मशीनों का इस्तेमाल किया गया।सफलता: लगातार 117 घंटे तक दिन-रात चले इस बेहद कठिन रेस्क्यू अभियान के बाद टनल में फंसे सभी श्रमिकों को बाहर निकाला गया था, जिसमें से 12 श्रमिकों को सुरक्षित या घायल अवस्था में बाहर निकाला गया था। अभियान के अंतिम चरण में 18 अगस्त को टनल से दो और लापता श्रमिकों के शव बरामद होने के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन को समाप्त घोषित किया गया था।

11 श्रमिकों की मौत, 11 सकुशल

प्रशासनिक रिपोर्ट के अनुसार, टनल के भीतर मौजूद कुल 22 श्रमिकों में से अब तक 11 श्रमिकों की मौत हो चुकी है, जबकि शेष 11 श्रमिक पूरी तरह सकुशल या उपचाराधीन हैं।

मुख्यमंत्री ने दिए मजिस्ट्रेट जांच के आदेश

इस गंभीर हादसे पर संज्ञान लेते हुए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटना की मजिस्ट्रेट जांच (Magisterial Inquiry) के आदेश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा है कि विकास कार्यों और निर्माण परियोजनाओं में श्रमिकों की सुरक्षा के मानकों के साथ किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाना चाहिए। प्रभावित परिवारों के लिए मुआवजे और राहत राशि को लेकर भी प्रशासनिक स्तर पर प्रक्रिया जारी है।