उत्तराखंड के कई इलाकों में बारिश जारी है. लगातार हो रही बारिश के कारण ज्यादातर पहाड़ी इलाकों के मार्गों पर बोल्डर गिरने, मलबा आने की घटनाएं दर्ज की जा रही है. इससे पर्यटकों और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. रुद्रप्रयाग जिले के कई इलाकों में भी देर रात तेज बारिश हुई, जिससे कई इलाके या तो जलमग्न हो गए या फिर मलबा और बोल्डर आने से बाधित हो गए. इसका असर केदारनाथ यात्रा पैदल मार्ग पर भी पड़ा है.
केदारघाटी में 21 जुलाई मंगलवार देर रात हुई तेज बारिश के बाद केदारनाथ पैदल मार्ग एक बार फिर बाधित हो गया. गौरीकुंड से करीब एक किलोमीटर आगे छौड़ी क्षेत्र में पहाड़ी से बड़े-बड़े बोल्डर और मलबा गिरने के कारण मार्ग पूरी तरह बंद हो गया है. एहतियात के तौर पर प्रशासन ने यात्रियों की आवाजाही तत्काल रोक दी है और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर ठहराया गया है.

लगातार हो रही बारिश से केदारनाथ पैदल मार्ग पिछले कई दिनों से संवेदनशील बना हुआ है. मंगलवार रात अचानक चट्टान टूटने और भारी मलबा आने से मार्ग पर खतरा बढ़ गया, जिसके बाद प्रशासन ने सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यात्रा संचालन अस्थायी रूप से रोक दिया.
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि, मार्ग से बोल्डर और मलबा हटाने के लिए संबंधित विभागों की टीमें मौके पर तैनात कर दी गई हैं. बारिश थमने और मौसम अनुकूल होने पर मार्ग को जल्द से जल्द खोलने का प्रयास किया जाएगा.
उन्होंने यात्रियों से अपील की कि वे प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें और बिना अनुमति आगे बढ़ने का प्रयास न करें. प्रशासन की ओर से मार्ग की लगातार निगरानी की जा रही है और मौसम की स्थिति को देखते हुए आगे की यात्रा व्यवस्था पर निर्णय लिया जाएगा. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है. मार्ग का सुरक्षा परीक्षण पूरा होने के बाद ही केदारनाथ यात्रा दोबारा सुचारु की जाएगी.

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