उत्तराखंड में भाजपा सरकार ने आगामी 2027 को होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा दांव खेला है। जी हां दरअसल उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चुनाव से पहले लोगों को बड़ी राहत देने की तैयारी कर ली है। इस तैयारी के तहत उत्तराखंड के सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेज में सभी तरह की जांचे निशुल्क होने जा रही हैं।
बता दें उत्तराखंड के सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में हर दिन औसतन 50,000 मरीज आते हैं। तकरीबन 15000 मरीज किसी न किसी पैथोलॉजी या फिर दूसरी जांच से गुजरते हैं अभी उन्हें इसके लिए तय फीस देनी पड़ती है मगर सरकार अब उन्हें राहत देने की तैयारी में है। सरकारी अस्पतालों का इलाज निजी केंद्र की तुलना में सस्ता है लेकिन कई बार पैथोलॉजी और रेडियोलोजी जांच पर 500 से 1000 रुपए तक खर्च हो जाते हैं। अब जल्द नई व्यवस्था लागू होने के बाद मरीजों को 500 व 1,000 रुपये का खर्च भी नहीं उठाना पड़ेगा।
स्वास्थ्य विभाग के अफसरों का कहना है कि सरकार जल्द ही इस योजना का औपचारिक ऐलान कर सकती है। उत्तराखंड के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पतालों में पैथोलॉजी की 200 से अधिक प्रकार की जांचे होती हैं। उत्तराखंड के स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने आम मरीजों को राहत देने के लिए सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों में होने वाली इन हाउस जांच को निशुल्क करने का फैसला लिया है।
बताते चलें सरकारी योजना लागू होने के बाद करीब 15,000 मरीजों को सीधा लाभ मिलेगा। यह सुविधा पांच सरकारी मेडिकल कॉलेज 13 जिला अस्पतालों के साथ ही 95 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंचाने की तैयारी है। वर्तमान में स्वास्थ्य विभाग ने जिला उप जिला और कुछ सामुदायिक अस्पतालों में मुफ्त जांच को निजी लैब से समझौता किया है। इन अस्पतालों में ऐसे लैब के काउंटर भी चल रहे हैं जहां मरीजों से जांच का कोई शुल्क नहीं लिया जाता है। हालांकि अधिकांश मरीजों को इसकी जानकारी नहीं होती है ऐसे में वे शुल्क जमा कराकर जांच करते हैं।

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