September 11, 2026

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सिलक्यारा टनल में फिर हादसा, सुरंग के अंदर हुआ लैंडस्लाइड, निर्माण कंपनी ने जारी किया बयान

चारधाम सड़क परियोजना के तहत यमुनोत्री हाईवे पर निर्माणाधीन सिलक्यारा-पोलगांव सुरंग में एक बार फिर लैंडस्लाइड होने का मामला सामने आया है. घटना 21 अगस्त की है, जबकि जानकारी अब सामने आई है. पोलगांव-बड़कोट छोर से करीब डेढ़ किलोमीटर अंदर सुरंग में भूस्खलन के मलबा फैल गया. सुरंग के अंदर मलबा गिरने की तस्वीरें और वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित होने के बाद निर्माणाधीन सुरंग की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं.

बताया जा रहा है कि, सुरंग के पोलगांव-बड़कोट छोर से करीब 1300 से 1500 मीटर अंदर पहाड़ी से मलबा गिरा है. घटना के बाद सुरंग के अंदर निर्माण कार्य प्रभावित हुआ और मलबा हटाने का काम शुरू किया गया. हालांकि, निर्माण कंपनी ने इसे सामान्य प्रक्रिया बताते हुए किसी बड़े खतरे की आशंका से इनकार किया है.

निर्माण कंपनी के अधिकारियों के मुताबिक, मलबा हटाने का काम जारी है. कंपनी के प्रोजेक्ट प्रबंधक श्रीराम ने बताया कि, निर्माणाधीन सुरंग में खुदाई के दौरान कहीं-कहीं मलबा गिरना सामान्य है. पोलगांव छोर से करीब 1300 मीटर अंदर कुछ मलबा गिरा है, जिसे हटाया जा रहा है. मौके पर किसी तरह की चिंताजनक स्थिति नहीं है और सुरंग में सुरक्षा मानकों का ध्यान रखा जा रहा है.

SILKARYA TUNNEL ACCIDENT

करीब 4.5 किलोमीटर लंबी सिलक्यारा-पोलगांव सुरंग का निर्माण वर्ष 2018 में शुरू हुआ था. तकनीकी और भूगर्भीय चुनौतियों के कारण निर्धारित समय पर काम पूरा नहीं हो सका. वर्ष 2024 में सुरंग को आर-पार किया गया था. वर्तमान में करीब 90 प्रतिशत सिविल कार्य पूरा होने की बात कही जा रही है. निर्माण एजेंसी का लक्ष्य मार्च 2027 तक सुरंग का निर्माण पूरा करना है. हालांकि, सुरंग के भीतर लगातार सामने आ रहे मलबा गिरने के मामलों ने निर्माण कार्य के साथ सुरक्षा व्यवस्था पर भी निगरानी बढ़ाने की जरूरत को सामने ला दिया है.