देहरादून
उत्तराखण्ड के प्रवासियों द्वारा राज्य के गांवों को गोद लेने के अभियान की प्रगति की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने जिलाधिकारियों को प्रत्येक जनपद में भी तत्काल प्रभाव से जिला प्रवासी प्रकोष्ठ गठित करने निर्देश दिए हैं। सीएस ने जिलाधिकारियों को राज्य के विकास में विभिन्न कार्यों के माध्यम से सहयोग करने के इच्छुक प्रवासियों के सहयोग हेतु जिला प्रशासन एवं प्रवासियों की माह में एक बार अनिवार्य बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही इस बैठक की रिपोर्ट तथा हर माह प्रवासियों के साथ किए गए समन्वय के प्रयासों की जानकारी नियमित रूप से शासन को भेजने के भी निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने सभी डीएम को प्रवासियों के साथ निरन्तर संवाद बनाए रखने की हिदायत दी है। सीएस ने निर्देश दिए हैं कि राज्य के विकास में भागीदारी के इच्छुक प्रवासियों को प्राथमिकता पर रखते हुए जिलाधिकारियों को प्रत्येक प्रवासी से व्यक्तिगत संवाद एवं समन्वय करना चाहिए। उन्होंने जिला प्रवासी सेल के माध्यम से प्रवासियों द्वारा गोद लिए जाने वाले गांवों के विभिन्न मुद्दों, समस्याओं, भूमि सम्बन्धित विषयों का तत्परता से निस्तारण करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने विभिन्न देशों से वीडियों कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम जुड़े प्रवासियों से भी आग्रह किया है कि जनपदों में विकास की विभिन्न संभावनाओं को देखते हुए राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों के दूरस्थ क्षेत्रों के गांवों के विकास के लिए आगे आए तथा सम्बन्धित डीएम व जिला प्रशासन के साथ प्रभावी समन्वय बनाएं।
बैठक में सचिव विनोद कुमार सुमन, उत्तराखण्डी प्रवासी सेल के सदस्य सुधीर नौटियाल, वीडियों कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से जिलाधिकारी पौड़ी, टिहरी, उत्तरकाशी, आयरलैण्ड से प्रवासी विकास लेखवार, विनोद लेखवार, यूएसए से वीरेन्द्र रावत, लंदन से विनोद जेठूरी, लखनऊ से एम पी भट्ट आदि मौजूद रहे।

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