राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कला, साहित्य, चिकित्सा, विज्ञान और खेल सहित विभिन्न क्षेत्र की 131 हस्तियों को सोमवार को देश के सबसे प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान से सम्मानित किया। अभिनेता धर्मेंद्र को मरणोपरांत पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। जबकि उत्तराखंड के पूर्व सीएम और महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। भगत दा को लोक कार्य के क्षेत्र में ये पुरस्कार प्रदान किया गया है।
भगत सिंह कोश्यारी ने पहाड़ के एक साधारण परिवार से निकलकर राष्ट्रीय राजनीति में अपनी मजबूत पहचान बनाई। उत्तराखंड के राजनीतिक इतिहास में भगत सिंह कोश्यारी का नाम उन नेताओं में लिया जाता है, जिन्होंने संगठन, विचारधारा और जनसंवाद के बल पर अपनी अलग छवि बनाई। 1966 में उन्होंने स्वयं को पूरी तरह से शैक्षणिक और समाज सेवा के लिए समर्पित कर पिथौरागढ़ में सरस्वती शिशु मंदिर की स्थापना की। उन्होंने लंबे समय तक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग कार्यवाह के रूप में कार्य किया। पिथौरागढ़ से हिंदी साप्ताहिक का प्रकाशन भी किया। आपातकाल के दौरान उन्हें मीसा के तहत गिरफ्तार किया गया। वर्ष 1997 में कोश्यारी उत्तर प्रदेश विधान परिषद के लिए नामित किए गए।
उत्तराखंड बनने के बाद अंतरिम सरकार में वह कैबिनेट मंत्री बने और बाद में कुछ महीनों के लिए मुख्यमंत्री भी बने। 2002 से 2007 तक विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष भी रहे। 2008 में वह राज्यसभा सांसद बने और 2014 में नैनीताल-ऊधम सिंह नगर सीट से लोकसभा के लिए चुने गए। पांच सितंबर, 2019 को उन्हें महाराष्ट्र का राज्यपाल नियुक्त किया गया। अगस्त 2020 में उन्हें गोवा के राज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया।

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