July 2, 2026

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मानसून को लेकर अलर्ट मोड में उत्तराखंड, 13 जिलों में मॉक ड्रिल का आयोजन, सीएम धामी ने की मॉनिटरिंग

उत्तराखंड में मानसून सीजन की शुरुआत के साथ ही राज्य सरकार ने आपदा प्रबंधन को लेकर अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है. इसी कड़ी में गुरुवार को प्रदेश के सभी 13 जिलों में राज्य स्तरीय मानसून मॉक ड्रिल आयोजित की गई, जिसकी मॉनिटरिंग खुद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने की.

मॉक ड्रिल के दौरान बाढ़, बादल फटना, अतिवृष्टि, भूस्खलन और सड़क अवरोध जैसी संभावित आपदाओं की परिस्थितियां तैयार कर राहत एवं बचाव कार्यों का अभ्यास किया गया. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य आपदा परिचालन केंद्र से पूरी मॉक ड्रिल की मॉनिटरिंग करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए.

राज्य सरकार का मानना है कि उत्तराखंड भौगोलिक दृष्टि से संवेदनशील राज्य है, जहां मानसून के दौरान प्राकृतिक आपदाओं का खतरा लगातार बना रहता है. पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन, बादल फटने और सड़क मार्ग बाधित होने की घटनाएं आम हैं, जबकि मैदानी इलाकों में बाढ़ और जलभराव जैसी समस्याएं सामने आती हैं. ऐसे में आपदा की स्थिति में विभिन्न विभागों और एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से यह मॉक ड्रिल आयोजित की गई.

मॉक ड्रिल के दौरान राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ), राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन सेवा, लोक निर्माण विभाग, विद्युत विभाग, सिंचाई विभाग और जिला प्रशासन की टीमों ने संयुक्त रूप से भाग लिया. अलग-अलग जिलों में विभिन्न आपदा परिदृश्यों का अभ्यास किया गया, जिसमें फंसे लोगों को सुरक्षित निकालना, घायलों को प्राथमिक उपचार देना, राहत शिविर स्थापित करना और संचार व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने जैसी गतिविधियां शामिल रहीं.

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मॉक ड्रिल की समीक्षा करते हुए कहा कि आपदा के समय सबसे महत्वपूर्ण पहलू रिस्पांस टाइम होता है. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी आपात स्थिति में राहत और बचाव कार्य तत्काल शुरू किए जाएं और प्रभावित लोगों तक कम से कम समय में सहायता पहुंचाई जाए.