उत्तराखंड के चमोली जिले में मंगलवार (11 अगस्त) को मौसम ने एक बार फिर अपना रौद्र रूप दिखाया. मलारी-नीती राष्ट्रीय राजमार्ग पर तमक नाले में अचानक आई बाढ़ ने कुछ ही पलों में भारी तबाही मचा दी. तेज बहाव इतना शक्तिशाली था कि उसने सड़क पर बने बेली ब्रिज को ही बहा दिया. इसी दौरान एक वाहन भी पानी की चपेट में आ गया. हादसे में सीमा सड़क संगठन के एक चालक के लापता होने की जानकारी सामने आई है.
बताया जा रहा है कि चमोली क्षेत्र में बादल फटने और लगातार हो रही तेज मानसूनी बारिश के कारण तमक नाले का जलस्तर अचानक बढ़ गया. देखते ही देखते नाला उफनती धारा में बदल गया. इसी दौरान मलारी-नीती मार्ग पर बना बेली ब्रिज तेज पानी के दबाव को नहीं झेल सका और भरभराकर बह गया. पुल के टूटने से इलाके में सड़क संपर्क भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है.
यह पुल ज्योतिर्मठ को सीमा से लगे इलाकों से जोड़ने वाले महत्वपूर्ण मार्ग का हिस्सा था. इसके क्षतिग्रस्त होने के बाद नीती और जुम्मा समेत करीब एक दर्जन गांवों तक पहुंच प्रभावित हुई है. सीमा क्षेत्र की ओर जाने वाला संपर्क भी बाधित हो गया है. प्रशासन की टीम नुकसान का आकलन कर रही है और वैकल्पिक रास्ते तैयार करने की कोशिश की जा रही है.
हादसे के दौरान सीमा सड़क संगठन के चालक पंकज भी तेज बहाव की चपेट में आ गए. पंकज पिथौरागढ़ जिले के रहने वाले बताए जा रहे हैं. जानकारी के मुताबिक वह नाले में बढ़े पानी को देख रहे थे, तभी अचानक पुल ढह गया और वह तेज धारा में बह गए. उनका अभी तक पता नहीं चल सका है. एक वाहन के भी पानी में बहने की सूचना है.
घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन ने राहत और बचाव अभियान शुरू कर दिया. राज्य आपदा मोचन बल और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल की टीमों को मौके पर भेजा गया है. स्थानीय प्रशासन के अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचकर हालात का जायजा ले रहे हैं. लापता चालक की तलाश के लिए भी अभियान चलाया जा रहा है.

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