मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के प्राकृतिक जल स्रोतों और नदियों और नालों के किनारों पर किसी भी प्रकार का सरकारी या निजी निर्माण कार्य प्रतिबंधित रहेगा। इसके लिए सभी जिलाधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं तथा इनके क्रियान्वयन की नियमित निगरानी की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि इन निर्देशों का उल्लंघन करने वाले अधिकारियों के विरुद्ध सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा से बचाव के लिए रोकथाम के उपायों को प्राथमिकता दी जाए और संवेदनशील क्षेत्रों में जनहित को ध्यान में रखते हुए ठोस एवं प्रभावी कदम उठाए जाएं।
बैठक में प्रमुख सचिव आर.के.सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगोली, अपर पुलिस महानिदेशक ए.पी. अंशुमान, विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते और अपर सचिव बंशीधर तिवारी उपस्थित थे।
More Stories
एमडीडीए ने ऋषिकेश में अवैध निर्माणों पर की ताबड़तोड़ कार्रवाई, 11 बहुमंजिले अवैध निर्माण किए गये सील* *नियमों को ताक पर रखकर किए जा रहे अनाधिकृत निर्माण को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा –बंशीधर तिवारी
सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने वालों के विरुद्ध पुलिस ने चलाया अभियान, 40 शराबियों को हिरासत में लेकर पुलिस की बस सेवा से लाया गया थाने
सोशल मीडिया पर भ्रामक और झूठी खबर फैलाने वालों के खिलाफ एक्शन मोड में पुलिस, मुख्यमंत्री बदलने की अफवाह फैलाने वाले 3 फेसबुक पेज संचालकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज, भाजपा जिलाध्यक्ष की ओर से दिया गया शिकायती पत्र