मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के प्राकृतिक जल स्रोतों और नदियों और नालों के किनारों पर किसी भी प्रकार का सरकारी या निजी निर्माण कार्य प्रतिबंधित रहेगा। इसके लिए सभी जिलाधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं तथा इनके क्रियान्वयन की नियमित निगरानी की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि इन निर्देशों का उल्लंघन करने वाले अधिकारियों के विरुद्ध सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा से बचाव के लिए रोकथाम के उपायों को प्राथमिकता दी जाए और संवेदनशील क्षेत्रों में जनहित को ध्यान में रखते हुए ठोस एवं प्रभावी कदम उठाए जाएं।
बैठक में प्रमुख सचिव आर.के.सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगोली, अपर पुलिस महानिदेशक ए.पी. अंशुमान, विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते और अपर सचिव बंशीधर तिवारी उपस्थित थे।

More Stories
155 बार रक्तदान हेतु अनिल वर्मा “रक्तदान महर्षि उत्तराखंड गौरव सम्मान- 2025” से विभूषित,. विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी व पूर्व मुख्यमंत्री डॉ० नि:शंक ने किया सम्मानित
मुख्यमंत्री ने विजय दिवस पर शहीद स्मारक में पुष्पचक्र अर्पित कर वीर बलिदानियों को दी श्रद्धांजलि, भारतीय सेना के शौर्य, त्याग और अटूट राष्ट्रनिष्ठा की गौरव गाथा का दिन है विजय दिवस
धामी सरकार की सख्ती, क्रिसमस–नववर्ष पर होटल-रेस्टोरेंट और मिठाई प्रतिष्ठानों पर विशेष खाद्य सुरक्षा अभियान, जन स्वास्थ्य सर्वोपरि, खाद्य सुरक्षा को लेकर विभाग पूरी तरह सतर्क : डॉ. आर. राजेश कुमार