परिजनों ने बताया कि जौलीग्रांट अस्पताल के चिकित्सकों ने उन्हें पहले ही बता दिया था कि बुजुर्ग की हालत नाजुक बनी हुई है, लेकिन उन्होंने बुजुर्ग के मृत होने की कोई पुष्टि नहीं की थी। परिजनों ने भी स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर जिस तरह से यह घटना वायरल हो रही है। वह पूरी तरह भ्रामक है।