बुधवार को चिकित्सकों ने स्वजनों को बताया कि व्यक्ति की हालत नाजुक बनी हुई है। अब इनका सेवा पानी घर पर करो। चिकित्सकों ने स्वजनो को अस्पताल से व्यक्ति को ऑक्सीजन सिलेंडर एंबुलेंस की मदद डिस्चार्ज कर दिया। घर आते समय गुमानी वाला रेलवे फाटक के समीप एंबुलेंस के गड्ढे में हिचकोले खाने से बुजुर्ग की आंखें अचानक खुल गई थी।
आंख खुलने के बाद परिजन उन्हें एम्स में उपचार करने के लिए लेकर जा ही रहे थे कि स्वजनों की सलाह के बाद वे लोग एम्स के गेट से वापस लौट गए और शहर के एक निजी अस्पताल में ले जाने की तैयारी करने लगे।लेकिन फिर परिजनों की सलाह के बाद वह बुजुर्गों को घर पर ही ले गए, जहां देर रात बुजुर्ग की मौत हो गई। इसी प्रकार की घटना सोशल मीडिया पर वायरल होने लगी और उनके संगे सबंधियों के फोन आने लगे।
परिजनों ने बताया कि जौलीग्रांट अस्पताल के चिकित्सकों ने उन्हें पहले ही बता दिया था कि बुजुर्ग की हालत नाजुक बनी हुई है, लेकिन उन्होंने बुजुर्ग के मृत होने की कोई पुष्टि नहीं की थी। परिजनों ने भी स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर जिस तरह से यह घटना वायरल हो रही है। वह पूरी तरह भ्रामक है।

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