उत्तराखंड में मदरसे अब स्कूल के रूप मे शिक्षा विभाग से मान्यता प्राप्त हैं, इसलिए उन्हें शिक्षा विभाग के नियम कानून का पालन करना होगा. इसी क्रम में धामी सरकार ने सभी मदरसों/स्कूलों को जुमे की बजाय रविवार को ही छुट्टी करने के लिए निर्देशित किया है.
धामी सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि उत्तराखंड में अल्पसंख्यक विद्यालयों में एक ही शिक्षा नीति चलेगी जो कि उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण द्वारा तय की गयी है.
उत्तराखंड में धामी सरकार ने उत्तराखंड मदरसा बोर्ड को ख़त्म कर दिया है. उसके स्थान पर अल्पसंख्यक शिक्षा बोर्ड स्थापित करते हुए मुस्लिम, सिख, पारसी, जैन, बौद्ध आदि शिक्षण संस्थाओं को उनके अधीन कर दिया है. उत्तराखंड में अल्पसंख्यक मदरसा बोर्ड में 452 मान्यता प्राप्त मदरसे थे. इनमें से पुनः आवेदन दोने वाले 76 मदरसों को प्राधिकरण ने स्कूल के रूप मे मान्यता दे दी है.
इन मदरसों द्वारा स्कूल संबंधी सभी औपचारिकताओं को पूरा किया गया है. उत्तराखंड के मदरसों में करीब 30 हज़ार बच्चे इस्लामिक शिक्षा लेते थे, जिन्हें अब राष्ट्रीय पाठ्यक्रम पढ़ाए जाने पर धामी सरकार का जोर है. शिक्षा विभाग के पास 114 मदरसों के आवेदन अभी लंबित हैं.

More Stories
मुख्यमंत्री धामी ने पुलिस स्मृति दिवस पर शहीद जवानों को दी श्रद्धांजलि, परिजनों को किया सम्मानित
चारधाम यात्रा में आस्था का नया रिकॉर्ड, श्रद्धालुओं का आंकड़ा 60 लाख के पार
कांग्रेस का ‘उत्तराखंड न्याय यात्रा’ कार्यक्रम घोषित, 22 अक्टूबर को गोल्ज्यू मंदिर से होगी शुरुआत